शिक्षा में रुकावट न बने पैसे की कमी
13/06/2013 00:21
होनहार बच्चों के लिए धन की कमी आड़े न आए इसके लिए तमाम बैंक शिक्षा ऋण मुहैया कराते हैं। यह ऋण आसान शर्तो पर मिलता है। यदि छात्र प्रतिभाशाली है तो शिक्षा ऋण लेने में कोई बुराई नहीं है क्योंकि नौकरी मिलने पर वह इसका समय रहते भुगतान कर देगा
पंकज मठपाल एमडी, ऑप्टिमा मनी मैनेजर्स
यूं तो माता-पिता अपने बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए योजनाबद्ध तरीके से निवेश करते हैं ताकि समय पर लक्ष्य को पूरा किया जा सके। लेकिन महंगाई के दौर में कभी-कभी यह जमा पूंजी पर्याप्त नहीं होती। यदि बच्चा होनहार है तो आपको बिल्कुल निराश होने की जरूरत नहीं है। पैसों की कमी काबिल बच्चों की शिक्षा में रुकावट न बने इसके लिए सभी सरकारी व निजी क्षेत्र के बैंक शिक्षा ऋण मुहैया कराते हैं।
ऋण के लिए योग्यता शिक्षा ऋण प्राप्त करने के लिए पहली शर्त यह है कि छात्र भारतीय नागरिक हो तथा उसने भारत या भारत के बाहर किसी उच्च शिक्षण संस्था में प्रवेश प्राप्त कर लिया हो, किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय में उच्च शिक्षा, प्रबंधन में शिक्षा, डाक्टर, इंजीनियर या चार्टेड अकाउंटेंट जैसे पेशेवर पाठ्यक्रमों के लिए शिक्षा ऋण आसानी से उपलब्ध हो जाता है।
ऋण की सीमा भारतीय संस्थानों में शिक्षा प्राप्त करने के लिए आप 10 लाख रुपए तक का ऋण ले सकते हैं। यदि आप विदेश में जाकर उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको 20 लाख रुपए तक का ऋण मिल सकता है। आप फीस के साथ-साथ अतिरिक्त खर्च जैसे हॉस्टल का किराया, परीक्षा, पुस्तकालय, प्रयोगशाला, पुस्तकें आदि खर्चो को भी शामिल कर सकते हैं। यदि आप चार लाख रुपए तक का ऋण लेना चाहते हैं तो आपको किसी तरह की धनराशि अपने पास से जुटाने की जरूरत नहीं है। यदि ऋण की राशि चार लाख रुपए से अधिक है तो आपको कुल ऋण की पांच फीसद धनराशि मार्जिन मनी के रूप में देनी होगी। यदि आप विदेश में पढ़ाई के लिए ऋण ले रहे हैं तो आपको कम से कम 15 फीसद राशि अपनी तरफ से जुटानी होगी।
जमानत राशि यदि आप चार लाख रुपए तक के ऋण के लिए आवेदन करते हैं तो छात्र को यह ऋण अपने माता-पिता के साथ संयुक्त रूप से लेना होगा। इसके लिए किसी प्रकार की सिक्योरिटी की जरूरत नहीं होती। यदि आप चार लाख से 6.5 लाख रुपए के बीच ऋण लेते हैं तो आपको किसी तीसरे व्यक्ति की गारंटी भी देनी पड़ेगी। यदि ऋण की राशि 6.5 लाख से अधिक है तो बैंक आपको कोई संपत्ति बंधक रखने के लिए कह सकता है।
ब्याज की दरें शिक्षा ऋण पर ब्याज की दर कर्ज की राशि पर निर्भर करती है। साथ ही यह एक बैंक से दूसरे बैंक में अलग- अलग है। आजकल शिक्षा ऋण पर ब्याज की दर 11.45 से 13.20 फीसद के बीच है। आपको कर्ज की किस्त कोर्स खत्म करने के एक साल बाद या फिर नौकरी लगने के छह महीने के बाद शुरू करनी होगी। इस ऋण का आपको 15 साल में भुगतान करना होगा।
आयकर में छूट आयकर की धारा 80ई के तहत शिक्षा ऋण पर दिए गए ब्याज को आप अपनी आय में से घटा सकते हैं। यह लाभ जिस साल से आप ऋण वापसी की पहली किस्त देते हैं, उस वर्ष से लेकर केवल आठ वर्षो के दौरान ही ले सकते हैं। इसलिए यह अच्छा होगा कि आप अपने ऋण अदायगी की अवधि केवल आठ वर्ष ही रखें। यदि छात्र ने यह ऋण अपने नाम से लिया है तो वह आयकर में मिलने वाली छूट का लाभ ले सकता है। यदि माता-पिता ने यह ऋण अपने नाम से लिया है तो छात्र नौकरी लगने के बाद भी आयकर में छूट का लाभ नहीं ले पाएगा। इस मामले में एक बात और ध्यान देने योग्य है। बहुत से बैंक ऋण मंजूरी के समय आपको जीवन बीमा पालिसी खरीदने का आग्रह करेंगे। इसका उद्देश्य यह है कि यदि छात्र की आकस्मिक मृत्यु हो जाती तो माता-पिता पर ऋण का बोझ न पड़े। ऐसे में ऋण का बकाया बीमा राशि से वसूल लिया जाएगा। लेकिन इसके लिए आप सिर्फ टर्म बीमा पालिसी ही लें न कि ऊंची लागत वाली अन्य बीमा पालिसी। शिक्षा ऋण के विकल्प से यह बात तो साफ हो जाती है कि यदि छात्र प्रतिभाशाली है तो ऋण लेकर उच्च शिक्षा लेनी चाहिए क्योंकि अच्छी शिक्षा बढ़िया नौकरी दिलाने में मददगार होगी जिससे भविष्य में आसानी से ऋण चुकाया जा सकता है।
