सेहत के लिए फायदेमंद है थोड़ी-थोड़ी देर में खाना

08/06/2013 20:26
भारत के अधिकतर घरों में सालों से दिन में तीन बार खाना खाने का नियम चला आ रहा है, लेकिन स्वास्थ्य और फिटनेस विशेषज्ञ इस नियम को सेहत के लिए ठीक नहीं मानते. विशेषज्ञों का कहना है कि शरीर में पोषण की कमी को पूरा करने और मोटापे से दूर रहने के लिए दिन में तीन बार खाना खाने की बजाय, हर थोड़ी-थोड़ी देर में छोटी-छोटी खुराक लेना काफी फायदेमंद होता है. आइये जानते हैं खाना खाने के इस नये नियम के फायदे.
लंदन के इंपीरियल कॉलेज के प्रोफेसरों द्वारा की गयी एक स्टडी में यह बात सामने आयी है कि दिन में 6 से 8 बार खाने से ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल का संतुलन बरकरार रहता है. इस नियम का पालन करने से वजन को नियंत्रित करने में भी मदद मिलती है. ब्रिटेन, अमेरिका, चीन और जापान के लगभग 2000 लोगों पर किये गये इस शोध में सभी को बराबर मात्र और बराबर कैलोरी का खाना दिया गया. लेकिन आधे लोगों ने दिन में 6 बार से कम बार खाना खाया और बाकियों ने 6 बार से ज्यादा बार उसी खाने को छोटी-छोटी खुराक में लिया.
जिन लोगों ने कम बार खाना खाया, उनका ब्लड प्रेशर दूसरों से ज्यादा देखा गया. पहले ग्रुप के लोगों का वजन भी स्टडी में शामिल बाकी लोगों से थोड़ा ज्यादा पाया गया. यहां इस बात का ध्यान रखा गया कि खाना बेशक कई बार खाया गया लेकिन खाने की मात्र काफी कम थी. हर बार 300 कैलरी का खाना दिया गया और हर बार खाने के बीच में कुछ भी खाने से परहेज किया गया. इसी के आधार पर विशेषज्ञों ने निष्कर्ष निकाला कि कम बार ज्यादा खाना खाने से बेहतर है कि कम मात्र में कई बार खाना खाया जाये.
स्थिर रहेगा हारमोंस का स्तर
कई बार खाना खाने से खून में मौजूद फैटी एसिड्स ज्यादा स्थिर रहते हैं. उनमें ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं होता. इससे प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है और हारमोंस का स्तर बेहतर होता है. इसी के चलते लोग तनाव की समस्या से भी दूर रहते हैं. वहीं, लंबे समय तक भूखा रहने से शरीर को खाने की कमी महसूस होती है और इंसान चिड़चिड़ापन महसूस करने लगता है.
बढ़ता है मेटाबॉलिज्म
इस नियम का सबसे सकारात्मक प्रभाव हमारी पाचन प्रणाली पर पड़ता है. कई बार खाना खाने से हमारे शरीर का मेटाबॉलिज्म बढ़ता है. मेटाबॉलिज्म के दौरान खाना एनर्जी, एंजाइम्स और फैट में बदलता है. एनर्जी विभिन्न काम करने में इस्तेमाल हो जाती है. एंजाइम्स हारमोन बनाते हैं और पाचन में मदद करते हैं, जबकि फैट शरीर में जमा हो जाता है. मेटाबॉलिज्म ठीक नहीं होता तो शरीर में फैट बढ़ जाता है. इससे कॉलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर, दोनों बढ़ने की आशंका होती है. थोड़ी-थोड़ी देर में ली गयी छोटी-छोटी खुराक मेटाबॉलिज्म सिस्टम को बढ़ावा देती हैं.
नहीं जमा हो पाता फैट
नियमित रूप से कई बार छोटी-छोटी खुराक में खाना खाने से शरीर में फैट नहीं एकत्र होता और लोग मोटापे की समस्या से दूर रहते हैं. दरअसल, खाना हमारे शरीर को काम करने के लिए ऊर्जा देता है. एक साथ अधिक मात्र में खाया गया खाना ऊर्जा में परिवर्तित होने की बजाय फैट में बदल जाता है और यह फैट शरीर को मोटा बना देता है, जबकि छोटी-छोटी खुराक लेने पर शरीर को काम करने की ऊर्जा मिलती है और खाना फैट में नहीं बदल पाता.
 
एक खुराक में शामिल हों..
एक खुराक का मतलब एक सेब या एक नाशपाती या एक अमरूद या 15-20 अंगूर या पपीते की 2-3 फांक से है. इसी तरह सब्जियों का अनुमान कटोरी से लगा सकते हैं. एक खुराक का मतलब एक छोटी कटोरी, यानी तमाम फल और सब्जियां मिलाकर अगर दिन भर में 5 खुराक खाते हैं, तो यह हमारी सेहत को सुधारता है. सब्जियों को खाने के साथ और फलों को बतौर स्नैक्स खाना बेहतर होता है.
यूं बांटें छोटी-छोटी खुराकों को
 
आप दिनभर के खाने में तीन मील यानी सुबह का नाश्ता, दोपहर का खाना और डिनर तो करती ही होंगी. बेहतर होगा कि इस मील्स में खाने की मात्र घटाकर इनके बीच 2-3 बार फल और 1-2 बार हेल्दी स्नैक्स जैसे कि स्प्राउट्स, सूप आदि लें. आप चाहें तो बीच-बीच में नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ, दूध आदि भी ले सकती हैं. इनके साथ ही आपके लिए पर्याप्त मात्र में पानी पीना भी काफी फायदेमंद साबित होगा.