त्वचा का निखार बरकरार रखने के लिए ये हैं लाजवाब टिप्स
08/06/2013 03:52
वैसे तो त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए सभी विटामिंस जरूरी हैं, लेकिन उनमें से सबसे महत्वपूर्ण है विटामिन ई। विशेषज्ञ कहते हैं कि इसकी कमी के चलते उम्र से पहले ही त्वचा को कई दुष्प्रभाव झेलने पड़ सकते हैं।
त्वचा का निखार बरकरार रखने के लिए कॉस्मेटिक्स ही काफी नहीं होते हैं। इसके लिए डाइट में विटामिन ई को भी शामिल करना चाहिए।
जो लोग बहुत ही लो फैट डाइट का सेवन करने के आदी होते हैं, उनके शरीर में विटामिन ई की कमी होने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में त्वचा पर फ्री रेडिकल्स की वजह से पड़ने वाले दुष्प्रभावों से बचना संभव नहीं हो पाता है। इससे प्री-मैच्योर एजिंग के अलावा डायबिटीज, कमजोर दृष्टि या मस्क्युलर डिजनरेशन का खतरा बढ़ जाता है। वहीं, शरीर भोजन में मौजूद विटामिन का अवशोषण भी ठीक से नहीं कर पाता है।
यह केवल त्वचा के लिए ही नहीं, बल्कि आंखों को स्वस्थ रखने और इम्युनिटी सिस्टम को मजबूत करने में भी कारगर है। यह ऐसा महत्वपूर्ण एंटीऑक्सीडेंट है, जो कोशिकाओं को क्षतिग्रस्त होने से बचाता है। नर्वस सिस्टम तथा मसल्स की मैंब्रेन को इससे सुरक्षा भी मिलती है। तेज धूप की वजह से त्वचा और बालों को पहुंचने वाले नुकसान की क्षतिपूर्ति करने के साथ ही उनकी चमक बरकरार रखने में भी विटामिन ई मदद करता है। इसी वजह से परोक्ष रूप से कई कॉस्मेटिक्स में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है।
वैसे तो त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए सभी विटामिंस जरूरी हैं, लेकिन उनमें से सबसे महत्वपूर्ण है विटामिन ई। विशेषज्ञ कहते हैं कि इसकी कमी के चलते उम्र से पहले ही त्वचा को कई दुष्प्रभाव झेलने पड़ सकते हैं।
त्वचा का निखार बरकरार रखने के लिए कॉस्मेटिक्स ही काफी नहीं होते हैं। इसके लिए डाइट में विटामिन ई को भी शामिल करना चाहिए।
ध्यान रखें कि...
विटामिन ई के उन्हीं सप्लीमेंट्स का सेवन करना चाहिए जो पूरी तरह नेचुरल और ऑर्गनिक हों। एलीमेंटल विटामिन ई के सेवन से बचना चाहिए।
अपनी मर्जी से विटामिन ई सप्लीमेंट्स का हाई डोज लेने से त्वचा पर कई दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं। डॉक्टर या डायटिशियन की सलाह के बाद ही ये लेने चाहिए।
जो लोग ब्लड थिनर्स लेते हैं, उन्हें विटामिन ई सप्लीमेंट्स का सेवन अपने मन से नहीं करना चाहिए।
