इश्क की जुबां, बिन कहे हो बयां
07/06/2013 10:59
वैसे तो मन की किसी भी भावना को जाहिर करने करने के लिए जुबां और भाषा की जरूरत नहीं होती, लेकिन जब मामला इश्क का हो तो इशारों की भूमिका कुछ ज्यादा ही महत्वपूर्ण हो जाती है। प्यार की शुरूआत से लेकर उसकी संपूर्णता तक हर कदम पर इशारे समझना बेहद जरूरी हैं क्योंकि मोहब्बत में इशारों से इकरार भी होता है और इंकार भी।
अक्सर पहली बार प्यार का इजहार भी इशारों से ही होता है। हालांकि कई बार इशारों में इंकार का मतलब भी इकरार ही होता है और इकरार का मतलब हाल-ए-दिल का इजहार, इसलिए प्यार में सही तरीके से इशारों की भाषा समझना बेहद आवश्यक है वरना जरा-सी चूक हुई कि प्रेम कहानी शुरू होने से पहले ही खत्म भी हो सकती है।
प्यार का सबसे पहला इशारा है चेहरे पर से नजर न हटना। कोई लगातार किसी को निहारता ही जाए तो समझ लेना चाहिए कि किसी खास चेहरे की खूबसूरती या नजर की कटार से उसका दिल घायल हो गया है। अक्सर प्यार करने वाले एक-दूसरे की आंखों में डूबे नजर आते हैं क्योंकि प्यार के इजहार के लिए नजरों का एक इशारा ही काफी होता है।
अगर कोई किसी को बेहद प्यार से पुकारे या किसी खास प्यार भरे नाम से बुलाए, जिससे बाकी लोग नहीं बुलाते तो समझ लेना चाहिए कि वह नाम उसके दिल के बेहद करीब है। कई बार सबके सामने न सही, लेकिन अकेले में ही कोई किसी को खास नाम से पुकारे तो यह भी प्यार के इजहार का एक इशारा ही होता है।
जब कोई किसी को चाहने लगता है तो उसे सामने वाले की सभी बातें अच्छी लगने लगती हैं। जाहिर है जब सब कुछ अच्छा लगेगा तो व्यक्ति खुश होगा और मुस्कुराएगा। किसी को देखते ही दिल का खिल जाना और चेहरे पर मुस्कान का बिखर जाना भी प्यार के इजहार की निशानी है इसलिए जब भी यह लगे कि कोई आपकी हर अदा पर मुस्कुरा रहा है तो इस इशारे को समझ लेना चाहिए कि उसे आपसे प्यार हो गया है।
किसी से मिलने को दिल बेताब रहे और मुलाकात के लिए सजने-संवरने में वह कोई कसर न छोड़े तो समझ लेना चाहिए कि यह प्यार का इशारा है। प्यार में अक्सर लोग अपने साथी से मदद की उम्मीद रखते हैं और सही मायने में वह मदद नहीं, बल्कि एक भावनात्मक स्पोर्ट की उम्मीद होती है। हर कोई चाहता है कि दुनिया में कोई तो एक ऐसा हो, जो हर हाल में उसका साथ दे। हर परेशानी से निपटने में उसे हौसला दे।
हर खुशी और गम में उसके साथ खड़ा रहे। अगर कोई लड़का या लड़की एक-दूसरे से ऐसी उम्मीद कर रहा है तो समझ लेना चाहिए कि यह प्यार का ही संकेत है। कोई व्यक्ति अगर प्यार में होता है तो उसे सिर्फ अपना महबूब ही नहीं पूरी दुनिया अच्छी लगने लगती है। वैसे भी प्यार में महबूब की जुदाई के सिवाय कुछ बुरा नहीं लगता। शायद इसलिए यह कहा गया है कि व्यक्ति को जिंदगी में कभी न कभी किसी न किसी से प्यार जरूर करना चाहिए क्योंकि प्यार इंसान को अच्छा बना देता है। दुनिया में जब सब कुछ अच्छा लगने लगे, तो यह प्यार का एक इशारा है।
